ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार

ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार

सुश्रुतानुसार शुक्र निर्माण का स्थान ‘‘वृषण’’ कफ दोष व मेद धातु से बने होते हैं। शारीरिक संरचनानुसार एक मांसल थैली में वृषण उदरगुहा से बाहर लटकते हुए रहते हैं जो शरीर के तापमान से लगभग 2-3 डिग्री कम रहते हैं। इसकी वजह है कि शुक्र उत्पादन के लिए इनको सामान्य से कम तापमान की आवश्यकता होती है। किसी भी कारण से वृषणों को अधिक तापमान मिलना शुक्र उत्पादन को प्रभावित करता है।

आधुनिक समय में कई ऐसे कारण हैं, जिनसे व्यक्ति कि प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उनमें से सामान्य रूप से पाया जाने वाला एक विकार है, ऑलिगोस्पर्मिया या शुक्राणुओं की कमी। प्रायः इससे यौन क्रिया में अन्तर नहीं आता है, लेकिन गर्भ धारण करवाने की अक्षमता का यह एक प्रमुख कारण हो सकता है।

ऑलिगोस्पर्मिया क्या है?

इसका शाब्दिक अर्थ है शुक्राणुओं की कमी। वीर्य की जाँच में शुक्राणुओं की संख्या, गति, आकार व घनत्व में औसत से कमी पाए जाने को शुक्राणुओं की कमी कहा जाता है। 15.20 मीलियन/मी.ली. से कम शुक्राणु वीर्य में रहने पर उसे ऑलिगोस्पर्मिया कहते हैं। सामान्यतः शुक्राणुओं की संख्यात्मक कमी के साथ-साथ इस विकृति में उनकी गति कम हो जाती है और विकृत या कमजोर शुक्राणुओं की संख्या बढ़ जाती है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोणः

आयुर्वेद में शुक्र को अन्तिम व सातवीं धातु कहा गया है। आहार के पचने के बाद उत्पन्न पोषक रस क्रमशः सभी धातुओं का पोषण करता हुआ अन्त में शुक्र में परिवर्तित होता है। इस प्रक्रिया में पित्त दोष की प्रधानता रहती है। यहाँ वर्णित अधिकतर कारण शरीर में पित्त को विकृत कर पाचन शक्ति व धात्वाग्नि को भी प्रभावित कर देते हैं जिसके परिणामस्वरूप अन्ततः शुक्राणुओं की संख्यात्मक व गुणात्मक क्षति होती है।

कारणः

व्यक्तिगत कारणः

35 वर्ष से अधिक आयु, धूम्रपान, अल्कोहल, नशीले पदार्थ, मोटापा, अत्यधिक तनाव-चिंता, लम्बे समय तक बैठे रहने का काम, टाइट फिटिंग के कपड़े पहनना, लम्बे समय तक लेपटॉप पर कार्य करना, गर्मी या ज्यादा तापमान वाली जगह पर कार्य करना, पोषण की कमी, लम्बी दूरी तक साईकिल या मोटर साइकिल चलाना इत्यादि।

प्राकृतिक कारणः

औद्योगिक रसायनों व कीटनाशकों का संपर्क, हवा-पानी में मौजूद भारी रसायनिक तत्व, एक्सरे व रेडिएशन का दुष्प्रभाव, सोना या टब बाथ का अधिक उपयोग इत्यादि।

चिकित्सकीय कारणः

वेरिकोसिल (वृषण शिराओं में सूजन), मीजल्स, प्रजनन संस्थान के संक्रमण, कैंसर व इसके उपचार की विधियाँ (सर्जरी, रेडियशन व कीमोथेरेपी), हार्मोन्स का असंतुलन, चोट/संक्रमण/शल्य चिकित्सा के कारण शुक्रवाहक नाड़ियों का अवरूद्ध होना।

आयुर्वेदिक समाधानः

आयुर्वेद शास्त्रों में शुक्र धातु सफेद, भारी, चिपचिपा, मधुर, मात्रा में अधिक, दिखने में घी के समान व शहद के समान गाढ़ा गुण वाला होने को गर्भ (प्रजनन) के लिए उपयुक्त माना गया है। पित्त को बढ़ाने वाले कारण गुणों में कफ-मेद व शुक्र के विपरीत होने के कारण इसमें विकार उत्पन्न कर देते हैं। निम्नांकित सुझाव इस विकार में उपयोगी है।

  • पित्त वर्धक व अन्य नैदानिक कारणों को दूर करना

  • शरीर व मन के लिए स्वास्थ्यप्रद दिनचर्या का पालन करना

  • नियमित रूप से अभ्यंग व व्यायाम करना जिससे रक्त संचरण में सुधार हो

  • पंचकर्म विधि द्वारा शरीर से विजातीय/विषैले तत्वों को बाहर निकालना

  • रसायन व बाजीकरण योगों का चिकित्सक के निर्देशानुसार पालन करना

Vote: 
No votes yet
Pro: 

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

New Health Updates

Image
सेक्स के लिए पागल रहती है महिलाएं कब सेक्स के लिए पागल रहती है महिलाएं
लिंग बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
लहसुन रात को तकिये के नीचे रखने का जादू लहसुन रात को तकिये के नीचे रखने का जादू
स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए
पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से नुकसान नहीं बल्कि होते हैं फायदे पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से नुकसान नहीं बल्कि होते हैं फायदे
स्त्रियों के ये अंग होते हैं सबसे ज्यादा कामुक स्त्रियों के ये अंग होते हैं सबसे ज्यादा कामुक
सप्ताह में इतनी बार सेक्स करना जरूरी है सप्ताह में इतनी बार सेक्स करना जरूरी है
महिलाएं बिना शारीरिक सम्बन्ध बनाये हो रही है प्रेग्नेंट, जानें कारण महिलाएं बिना शारीरिक सम्बन्ध बनाये हो रही है प्रेग्नेंट, जानें कारण
सेक्स कैसे करते हैं
गुप्तांगो या बगलों के बालों की सफाई का महत्व गुप्तांगो या बगलों के बालों की सफाई का महत्व
फिस्टुला या भगंदर, पाइल्स या बवासीर, किशमिश से बवासीर का इलाज, एलोवेरा से बवासीर का इलाज, हल्दी से बवासीर का इलाज इन हिंदी, केला से बवासीर का इलाज, पुरानी बवासीर का इलाज, फिटकरी से बवासीर का इलाज, बवासीर का होम्योपैथिक इलाज, बवासीर का अंग्रेजी दवा बवासीर का आयुर्वेदिक इलाज
लड़की या औरत को कैसे गर्म करें घरेलू उपाय
हाइड्रोसील के कारण लक्षण और इलाज इस प्रकार है जानिए
टिटनेस इंजेक्‍शन से हो सकती हैं ये दिक्‍कतें टिटनेस इंजेक्‍शन से हो सकती हैं ये दिक्‍कतें
 ख़तरनाक है सेक्स एडिक्शन ख़तरनाक है सेक्स एडिक्शन
झाइयां होने के कारण
यौन संबंध के दौरान दर्द का सच क्या है? यौन संबंध के दौरान दर्द का सच क्या है?
इसलिए छोटे कद की लड़कियों से सम्बन्ध बनाना ज्यादा पसंद करते है लड़के इसलिए छोटे कद की लड़कियों से सम्बन्ध बनाना ज्यादा पसंद करते है लड़के
जबरदस्त फोरप्ले ही देता है दमदार सम्बन्ध का मजा जबरदस्त फोरप्ले ही देता है दमदार सम्बन्ध का मजा
कम उम्र में सेक्‍स करने से बढ़ जाता है इस चीज का खतरा कम उम्र में सेक्‍स करने से बढ़ जाता है इस चीज का खतरा