गीता के मूलमंत्र
Submitted by vasna on 18 January 2020 - 11:44amगीता के मूलमंत्र
अध्याय १
मोह ही सारे तनाव व विषादों का कारण होता है ।
अध्याय २
शरीर नहीं आत्मा को मैं समझो और आत्मा अजन्मा-अमर है ।
अध्याय ३
कर्तापन और कर्मफल के विचार को ही छोड़ना है, कर्म को कभी नहीं ।
अध्याय ४
सारे कर्मों को ईश्वर को अर्पण करके करना ही कर्म संन्यास है ।
अध्याय ५
मैं कर्ता हूँ- यह भाव ही अहंकार है, जिसे त्यागना और सम रहना ही ज्ञान मार्ग है ।
अध्याय ६
आत्मसंयम के बिना मन को नहीं जीता जा सकता, बिना मन जीते योग नहीं हो सकता । Read More : गीता के मूलमंत्र about गीता के मूलमंत्र













