शव क़ब्रों से क्यों निकाल रहे हैं लोग?

शव क़ब्रों से क्यों निकाल रहे हैं लोग?

ग्रीस के थेस्सालोनिकी के मुख्य क़ब्रिस्तान में कैटरिना कित्सियाव अपने पिता की समाधि के पास खड़ी हैं. वो अपने पिता क्रिस्टोडोलस का शव क़ब्र से बाहर निकालते देखने आई हैं.

क्रिस्टोडोल्स को सात साल पहले दफ़न किया गया था, लेकिन उनके बच्चों के पास समाधि के लिए देने को पैसे नहीं हैं. Read More : शव क़ब्रों से क्यों निकाल रहे हैं लोग? about शव क़ब्रों से क्यों निकाल रहे हैं लोग?

पृथ्वी पर पानी की कहानी

पृथ्वी पर पानी की कहानी

हमारी आकाशगंगा में कई ख़त्म हो रहे तारे होते हैं जो क्षुद्र ग्रह के अवशेष होते हैं.

ठोस पत्थर के गोले के तौर पर ये किसी तारे पर गिर कर ख़त्म हो जाते हैं.

तारों के वायुमंडल पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक क्षुद्र ग्रह पत्थर के बने होते हैं, लेकिन इनमें काफ़ी पानी भी मौजदू होता है.

इस नतीजे के आधार पर इस सवाल का उत्तर मिल सकता है कि पृथ्वी पर पानी कहां से आया? Read More : पृथ्वी पर पानी की कहानी about पृथ्वी पर पानी की कहानी

मंगल पर मीथेन की मौजूदगी से जीवन के संकेत

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वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के उल्कापिंडों में मीथेन के निशान पाए हैं जो जीवन के मौजूदगी की तरफ इशारा करती है. वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह के उल्कापिंडों में मीथेन के निशान पाए हैं और यह एक ऐसी खोज है जो रक्ताभ ग्रह पर गर्म, नम और रासायनिक रूप से प्रतिक्रियाशील वातावरण की मौजूदगी की तरफ इशारा करती है, वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह से जुड़ी ज्वालामुखीय चट्टानों के उल्कापिंडों के नमूनों की जांच की है, उल्कापिंडों में मंगल ग्रह के वायुमंडल के ही अनुपात और उसी समस्थानिक संरचना में गैसें पाई गई हैं, सभी छह नमूनों में मीथेन गैस पाई गई है. Read More : मंगल पर मीथेन की मौजूदगी से जीवन के संकेत about मंगल पर मीथेन की मौजूदगी से जीवन के संकेत

क्या आप वही रंग देखते हैं जो मैं देखता हूं?

क्या आप वही रंग देखते हैं जो मैं देखता हूं?

कुछ हफ्ते पहले एक तस्वीर में ड्रेस का रंग, एक बड़ा मसला बनकर इंटरनेट पर चर्चित रहा.

कहीं भी उस ड्रेस के रंग को लेकर मत एक जैसा नहीं था. दफ्तरों में, घरों में जैसे दो ख़ेमे बन गए - एक, जिन्हें ड्रेस गोल्ड-व्हाइट दिखी और दूसरे, जिन्हें ड्रेस ब्लू-ब्लैक दिखी.

तो फिर असलियत क्या है? वही तस्वीर, दो इंसानों को नंगी आंख से अलग-अलग रंग की कैसे दिख सकती है?

दिमाग पर है सब निर्भर

दरअसल दिलचस्प बात ये जानने में है कि किसी वस्तु के रंग को लेकर हमारे दिमाग में क्या चलता है. क्या आप जानते हैं इसका विज्ञान क्या है? Read More : क्या आप वही रंग देखते हैं जो मैं देखता हूं? about क्या आप वही रंग देखते हैं जो मैं देखता हूं?

कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया

किसने बनाया कंप्यूटर?

थोमास एडिसन ने बिजली के बल्ब का आविष्कार किया, विलबर और ऑरविल राइट ने पहली बार हवाई जहाज़ से उड़ने का प्रयोग किया, लेकिन कंप्यूटर कहां से आया? किसने पहला कंप्यूटर बनाया? Read More : कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया about कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया

चिकनगुनिया वाले मच्छर की कहानी

चिकनगुनिया वाले मच्छर की कहानी

चिकनगुनिया का चिकन या मुर्गी से कोई ताल्लुक नहीं है, इस बीमारी के नाम की कहानी काफ़ी दिलचस्प है.

इस बीमारी का पता पहली बार 1952 में अफ्रीका में चला था. मोज़ाम्बिक और तंजानिया के सीमावर्ती मकोंडे इलाक़े में इस बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया था.

मच्छर के काटने से होने वाली इस बीमारी के वायरस की पहचान एक बीमार व्यक्ति के ख़ून के नमूने से हुई थी.

मकोंडे इलाक़े में स्वाहिली भाषा बोली जाती है जिसमें चिकनगुनिया का मतलब होता है-"अकड़े हुए आदमी की बीमारी." जिस व्यक्ति के ख़ून के नमूने से चिकनगुनिया वायरस की पहचान हुई थी, वह हड्डी के दर्द से बुरी तरह अकड़ गया था. Read More : चिकनगुनिया वाले मच्छर की कहानी about चिकनगुनिया वाले मच्छर की कहानी

आधे मस्तिष्क से भी इन्सान रह सकते हैं ज़िंदा !

आधे मस्तिष्क से भी इन्सान रह सकते हैं ज़िंदा !

सुनकर हैरत होगी लेकिन कुछ व्यक्तियों में पाया गया कि उनके दिमाग़ का एक बड़ा हिस्सा ग़ायब है और उन्हें कोई ख़ास बीमारी भी नहीं है. लेकिन ऐसा क्यों?

मस्तिष्क को मानव शरीर का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है और इसका भी अगर महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं हो तो क्या होगा?

टॉम स्टेफ़ोर्ड की पड़ताल

पहली बात तो यह है कि हमें अपने मस्तिष्क के कितने हिस्से की असल में ज़रूरत होती है?

पिछले कुछ महीनों में आई उन ख़बरों पर नज़र दौड़ाई जाए, जिनमें व्यक्ति के दिमाग़ का बड़ा हिस्सा ग़ायब था, तो कुछ चौंकाने वाली बात सामने आती है. Read More : आधे मस्तिष्क से भी इन्सान रह सकते हैं ज़िंदा ! about आधे मस्तिष्क से भी इन्सान रह सकते हैं ज़िंदा !

बच्चों को मंदबुद्धि बना सकता है 'टैबलेट प्रेम

बच्चों को मंदबुद्धि  बना सकता है 'टैबलेट प्रेम

बच्चों में टैबलेट और स्मार्ट फ़ोन की बढ़ती आदत की वजह से उनकी तकनीकी कुशलता को नुकसान पहुंच सकता है.

यह बात ऑस्ट्रेलिया की एक शैक्षणिक संस्था की रिपोर्ट में सामने आई है.

संस्था ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि साल 2011 से कुछ बच्चों में आईटी साक्षरता के मामले में 'महत्वपूर्ण गिरावट' आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ बच्चों ने स्मार्टफ़ोन और टैबलेट पर अलग तरह की कुशलता सीखी है जोकि कार्यस्थलों पर ज़रूरत पड़ने वाली तकनीकी कुशलता से अलग है. Read More : बच्चों को मंदबुद्धि बना सकता है 'टैबलेट प्रेम about बच्चों को मंदबुद्धि बना सकता है 'टैबलेट प्रेम

ज़्यादा सफ़ाई हो सकता है ख़तरनाक?

ज़्यादा सफ़ाई हो सकता है ख़तरनाक?

क्या आप रोज़ सुबह स्नान करते हैं या कुछ दिन के अंतराल पर? क्या आप अपनी बेडशीट हर सप्ताह बदलते हैं या तब तक इस्तेमाल करते हैं जब तक वह मैली न हो जाए?

आपके तौलिए कैसे हैं- नए या फिर काफ़ी पुराने? आप उन्हें हर शनिवार साफ़ करते हैं या फिर जब तक वे पूरी तरह गंदे न हो जाएं?

जी हां, बात सफ़ाई की हो रही है. दरअसल हमारे साबुन बैक्टीरिया रोधी होते हैं. घरों में इस्तेमाल होने वाले क्लीनर्स भी 99.9 फ़ीसदी कीटाणुओं को खत्म कर देते हैं.

आम धारणा यही है कि बैक्टीरिया, कीटाणु अच्छे नहीं होते. Read More : ज़्यादा सफ़ाई हो सकता है ख़तरनाक? about ज़्यादा सफ़ाई हो सकता है ख़तरनाक?

टोयोटा ने बनाया हाइड्रोजन से चलने वाली कार

टोयोटा ने बनाया हाइड्रोजन से चलने वाली कार

जापान की कार निर्माता कंपनी टोयोटा की योजना हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली कार का निर्माण बढ़ाना है. इसलिए अब टोयोटा इससे जुड़े अपने हज़ारों पेटेंट्स को दूसरी कार निर्माता कंपनियों के साथ साझा करने जा रही है.

टोयोटा ने इसी साल जापान के अलावा अपनी मिराई कार का निर्यात ब्रिटेन, अमरीका, जर्मनी और डेनमार्क को किया है. यह कार हाइड्रोजन से चलती है.

टोयोटा की इस कार की क़ीमत ब्रिटेन में 66 हज़ार पाउंड यानी लगभग 66 लाख रूपए है. अमरीका के कैलिफ़ोर्निया में इस कार पर 25 फ़ीसदी सब्सिडी है जबकि जापान में 40 फ़ीसदी से ज़्यादा सब्सिडी दी जा रही है. Read More : टोयोटा ने बनाया हाइड्रोजन से चलने वाली कार about टोयोटा ने बनाया हाइड्रोजन से चलने वाली कार

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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