ऐसे करें उत्तानपादासन

ऐसे करें उत्तानपादासन

 पीठ के बल लेट जायें। हथेलियां भूमि की और, पैर सीधे, पंजे मिले हुये हों । अब श्वांस भरकर एक पैर को 1 फुट तक धीरे धीरे ऊपर उठायें। 10 सैकण्ड रोके फिर धीरे धीरे पैरों को नीचे भूमि पर टिकायें। फिर क्रमशः दूसरे पैर से करें। 3 से 6 बार ।

अब यही क्रिया दोनों पैरों को एक साथ उठाकर क्रमशः करें। 3 से 6 बार ।

कमरदर्द वाले एक एक पैर से ही क्रमशः इस अभ्यास को करें।

कब्ज, गैस, मोटापा, पेटदर्द, नाभि का टलना, कमरदर्द, हृदयरोग में लाभप्रद।

योग हमारे शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है। नियमित रूस से योग करने पर मन और आत्म शांति की एहसास होता है। योग शरीर को मजबूत, सुडौल और लचीला बनाने में मदद करता है। इससे शरीर को कई रोगों से लड़ने की प्रतिरोधन क्षमता शक्ति मिलती है। आज हम आपको उत्तानपादासन के बारे में बता रहे हैं। उत्तानपादासन में उत्तान का अर्थ होता बै ऊपर उठा हुआ और पाद का मतलब पैर होता है। इस आसम के दौरान पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर की ओर उठाया जाता है, इसलिए इसे उत्तानपादासन कहा जाता है। योग एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगाभ्यास है। इस आसन के दौरान पेट की चर्बी को कम करने और पेट को अंदर करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं उत्तानपादासन के फायदे और विधि।

ऐसे करें उत्तानपादासन : इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। लेटने के बाद दोनों पैरों को सीधा करें और शरीर को ढीला छोड़ दें। अब हथेलियों को जमीन पर रखें और पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। पैरों को ऊपर उठाने के बाद सांस रोके और जितना हो सके इस स्थिति में रुकने की कोशिश करें। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पैरों को नीचे की ओर करें।

उत्तानपादासन के फायदे

 

  1.  इस आसन के अभ्यास से में पैरों को ऊपर उठात वक्त पेट और पैरों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और मसल्स टाइट होती है।
  2.  इससे पैर में होने वाली सनसनाहट और दर्द की शिकायत दूर हो जाती है।
  3.  इस आसन को करने से पैरों में सूजन की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  4.  उत्तानपादासन के अभ्यास से पेट से जुड़ी कई समस्याओं से निजात पाने में मदद मिलती है।
  5.  इसके नियमित अभ्यास से पाचन क्रिया ठीक रहती है और यकृत अपना कार्य सुचारू रूप से करता है।
  6.  प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए उत्तानपादासन काफी फायदेमंद होता है, इसके अभ्यास से महिलाएं को प्रसव के दौरान फायदा होता है।
  7.  इस आसन के करने से हार्निया रोग नहीं होता। जिन्हें हार्निया हो भी गया हो तो इस आसन से यह रोग दूर हो जाता है।
  8.  इससे घबराहट दूर हो जाती है। दिल की धड़कन, श्वास फूलना, आदि रोग भी दूर हो जाते हैं।
  9.  पूराने से पुराना कब्ज का रोग दूर होता है और खूब भूख लगती है।
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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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