उच्च रेशायुक्त आहार किसी वरदान से कम नहीं

उच्च रेशायुक्त आहार किसी वरदान से कम नहीं

क्या आपको दिल का दौरा आया है? तो खूब रेशे वाला खाना खाएं. बीमारी से जल्द उबरने के लिए ये सलाह दी है अमरीकी शोधकर्ताओं ने.

ब्रितानी मेडिकल जर्नल में एक अध्ययन छपा है जिसमें ये बताया गया है कि दिल के दौरे से बच निकलने में कामयाब लोग यदि हाई-फाइबर फूड यानि उच्च रेशायुक्त आहार लें तो नौ साल तक उनकी जान को कोई खतरा नहीं होता.

अध्ययन में कहा गया है कि यदि आहार में रेशे की मात्रा रोज 10 ग्राम बढ़ाई जाए तो मौत का खतरा 15 फीसदी कम हो जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार भोजन में मौजूद रेशे कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को ठीक रखते हैं.

अनाज और चोकर
ब्रिटेन की बात करें तो यहां अधिकांश लोग भोजन के जरिए औसतन 14 ग्राम रेशे का सेवन करते हैं. हालांकि लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने आहार में कम से कम 18 ग्राम रेशे का लक्ष्य जरूर रखें.

अमरीका में विशेषज्ञों ने एक दिन में भोजन में 38 ग्राम रेशे के सेवन का लक्ष्य रखा है.

केला और सेव आदि फल, मूली-गाजर और आलू जैसी जड़ वाली सब्जियां, गेहूं वाला ब्रेड, अनाज और चोकर में प्रचुर मात्रा में रेशा पाया जाता है.

जबकि छिलके वाले आलू और सिंकी हुई बीन में रेशे की मात्रा करीब 10 ग्राम होती है. गेहूं के ब्रेड में चार ग्राम रेशा होता है.

नाश्ते में अनाज
अमरीकी शोधकर्ताओं के मुताबिक कम रेशे वाले भोजन से कब्ज और आंतों से संबंधित रोगों जैसे कि डाइवरटिकुलटिस (विपटीशोथ) और आंतों के कैंसर का खतरा बढ जाता है.

'हावर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ' ने दो बड़े अमरीकी अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है. इन दोनों अमरीकी अध्ययनों में वैसे 4,000 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया जो अपने सबसे पहले दिल के दौरे से जीवित बच निकले. जानकारी जुटाने के लिए उनके सामान्य आहार के बारे में प्रश्नावली की मदद ली गई.

फर्स्ट हार्ट अटैक का सामना कर चुके अध्ययन में शामिल किए गए इन पुरुषों और महिलाओं औसतन नौ सालों तक अध्ययन किया गया. इस दौरान 682 महिलाओं और 451 पुरुषों की मौत हो गई.

उच्च रेशा युक्त खाद्य पदार्थ स्वस्थ संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. यह अध्ययन भी यही सलाह देता है कि दिल के दौरे से बच निकले लोगों के लिए रेशायुक्त आहार विशेष तौर से फायदेमंद होता है.
विक्टोरिया टेलर, ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन
निष्कर्ष में पाया गया कि पहले हार्ट अटैक के नौ साल बाद तक केवल वे लोग जीवित बचे जिन्होंने ज्यादा रेशे वाला आहार लिया और खासकर नाश्ते में अनाज का सेवन किया.

स्वस्थ संतुलित आहार
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के विक्टोरिया टेलर ने कहा, " उच्च रेशे वाले खाद्य पदार्थ स्वस्थ संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. यह अध्ययन भी यही सलाह देता है कि दिल के दौरे से जीवित बच निकले लोगों के लिए रेशायुक्त आहार विशेष तौर से फायदेमंद होता है."

खूब रेशे वाला आहार लेने वाले पांच में से एक व्यक्ति में मौत का खतरा 25 फीसदी कम पाया गया.

उच्च रेशे वाला आहार लेने वाले समूह में घातक दिल का दौरा पड़ने का खतरा 13 फीसदी कम था.

Vote: 
No votes yet

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.

विज्ञान एवं तकनीकी

विज्ञान एवं तकनीकी Total views Views today
क्या आप जानते है कि कुत्ते मुस्कुराते भी हैं 3,156 2
चिकनगुनिया वाले मच्छर की कहानी 4,097 2
कोरोना वैक्सीन आने के बाद क्या सब कुछ सामान्य हो जाएगा? 1,363 2
अब 'भेजा-टू-भेजा' भेज सकेंगे ईमेल! 1,755 1
क्या वाक़ई चीनी आप की सेहत के लिए ख़राब है? 1,981 1
आपके घर में ये स्मेल आती हैं तो सतर्क हो जाएं 2,346 1
डीएनए की दुनिया 13,216 1
मौत के मुंह से वापस लाने का जुनून 2,141 1
'गर्मी की वजह से बिगड़ता है बच्चों का रिजल्ट' 2,101 1
बच्चों के लिए प्रैम मददगार या ख़तरनाक? 1,738 1
गोल्डन मिल्क दुनिया भर में क्यों हो रहा है मशहूर 1,471 1
क्यों विकसित देशों में घट रहा है टीकाकरण पर यकीन-बीबीसी स्पेशल 1,804 1
'भारतीय पेंट्स हैं ख़तरनाक' 2,784 1
पूरे चेहरे का 'सफल' ट्रांसप्लांट 2,021 1
तीन बेहद सस्ती चीज़ें जो मिटा सकती हैं दुनिया भर से कुपोषण 1,875 1
जीवाणु 1,20,000 साल बाद दोबारा सक्रिय 2,433 1
आख़िर आंसू क्यों निकलते हैं? 1,586 1
सनस्क्रीन आपके लिए कितना सुरक्षित है? 1,535 1
'महिलाओं के लिए वायग्रा' को मंज़ूरी 2,035 1
एन्टीबायटिक प्रतिरोधक एन्ज़ाइम मिला 2,839 1
मरने से ठीक पहले दिमाग क्या सोचता है | 5,212 0
फ़ाइजर की नज़र भारतीय कंपनी पर 1,589 0
आकार में है सफलता की कुंजी 2,676 0
कुछ लोग लेफ़्ट हैंड से क्यों लिखते हैं? 1,395 0
World Blood Donor Day: रक्तदान और उससे जुड़े मिथकों का सच 3,767 0