तनाव और वैवाहिक जीवन पर इसका प्रभाव

तनाव और वैवाहिक जीवन पर इसका प्रभाव

विवाह के अन्तर्गत स्त्री-पुरूष का मिलन मात्र शारीरिक स्तर पर ही नहीं बल्कि भावनात्मक व आत्मिक स्तर पर भी होना चाहिए जिसका मुख्य आधार परस्पर विश्वास, प्रेम व समर्पण होता है जो इस सम्बन्ध को निरन्तर मजबूती प्रदान करता है।

अच्छे शैक्षणिक माहौल के आधार पर सभी अपने सपनों को पूरा करने के लिए आर्थिक उन्नति, केरियर, जॉब व बिज़नेस की ओर आकर्षित हैं। इसी प्रभाव के अन्तर्गत आजकल पति-पत्नी दोनों ही नौकरीपेशा हो गए हैं। Read More : तनाव और वैवाहिक जीवन पर इसका प्रभाव about तनाव और वैवाहिक जीवन पर इसका प्रभाव

सन स्ट्रोक के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

हर साल देश के कई हिस्सों में तापमान की असामान्य वृद्धि के कारण उत्पन्न सनस्ट्रोक से सैंकड़ों लोग प्रभावित होते हैं और समय पर उपचार न मिलने पर कई बार आकस्मिक गम्भीर पीड़ा भी सहनी पड़ती है।

गर्मी के मौसम में सामान्यतः सनस्ट्रोक या लू का प्रकोप देखा जाता है। समय बीतने के साथ ही लू से होने वाली बिमारियों की खबरें देखने व सुनने को मिलती हैं। इससे बचने के घरेलू उपायों व उपचारों को जानने से पहले लू के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त कर लेना बेहतर होगा। Read More : सन स्ट्रोक के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक घरेलू उपचार about सन स्ट्रोक के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक घरेलू उपचार

वृक्षासन करें, शारीरिक बल और एकाग्रता बढ़ाएँ

वृक्षासन करें, शारीरिक बल और एकाग्रता बढ़ाएँ

इस आसन को करते समय शरीर वृक्ष के समान दिखाई देता है, इसीलिये इसे वृक्षासन के नाम से जाना जाता है। पूरे शरीर को ऊर्जावान बना कर शारीरिक व मानसिक तनाव कम करने वाला यह आसन हर उम्र, हर वर्ग के लिये लाभकारी है। आईये, वृक्षासन करने की विधि व इससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी लें। Read More : वृक्षासन करें, शारीरिक बल और एकाग्रता बढ़ाएँ about वृक्षासन करें, शारीरिक बल और एकाग्रता बढ़ाएँ

बालों के झड़ने की परेशानी में आसान घरेलू उपचार

आजकल हर कोई सौन्दर्य के प्रति जागरूक नज़र आता है और होना भी जरूरी है क्योंकि सुंदरता के कारण व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा हुआ नज़र आता है। चेहरे के अलावा सुंदर व मुलायम बालों का सौंदर्य का अपना महत्व है। पहले के ज़माने में 40-50 की आयु में होने वाली यह समस्या आजकल बच्चों व युवाओं में भी सामान्यतः मिलने लगी है।

काले घने बाल हर एक का आकर्षण होते हैं। दिन के 50-60 बाल झड़ना प्राकृत माना जाता है और बाल धोते समय सामान्यतः 100 के आसपास बाल झड़ सकते हैं, जब इससे ज्यादा बाल झड़ते हैं तो इसे हेयर सिस कहा जाता है। Read More : बालों के झड़ने की परेशानी में आसान घरेलू उपचार about बालों के झड़ने की परेशानी में आसान घरेलू उपचार

मत्स्यासन की योग विधि और लाभ

समय पर सोयें, समय पर जागें, समय पर खाओ खाना, तनाव है दीमक, इसको अपने पास कभी न लाना, योग-ध्यान को करते रहना, चाहे थोड़ा-थोड़ा, पा जाओगे अपने जीवन में, खुशियों भरा खजाना।

बचपन, यौवन, जवानी व प्रौढ़ अवस्था के बाद वृद्धावस्था का आना एक स्वाभाविक शारीरिक परिवर्तन है। इन शारीरिक परिवर्तनों के अनुसार मनुष्य की कार्यक्षमता एक सीमा तक बढ़ने के बाद कम होनी शुरू हो जाती है, जिसे रोका नहीं जा सकता। हाँ, इसकी गति को धीमा अवश्य किया जा सकता है। Read More : मत्स्यासन की योग विधि और लाभ about मत्स्यासन की योग विधि और लाभ

ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार

ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार

सुश्रुतानुसार शुक्र निर्माण का स्थान ‘‘वृषण’’ कफ दोष व मेद धातु से बने होते हैं। शारीरिक संरचनानुसार एक मांसल थैली में वृषण उदरगुहा से बाहर लटकते हुए रहते हैं जो शरीर के तापमान से लगभग 2-3 डिग्री कम रहते हैं। इसकी वजह है कि शुक्र उत्पादन के लिए इनको सामान्य से कम तापमान की आवश्यकता होती है। किसी भी कारण से वृषणों को अधिक तापमान मिलना शुक्र उत्पादन को प्रभावित करता है। Read More : ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार about ओलिगोस्पर्मिया के आयुर्वेदिक उपचार

आईबीएस पर आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी कि आईबीएस, आजकल यह तकलीफ बच्चों से लगा कर बडों तक में लगभग हर उम्र के लोगों को सता रही है। इस लेख के द्वारा आपको इस बात से अवगत कराया जायेगा कि इसे कैसे पहचानें और इसका उपचार कैसे संभव है।

लक्षणः

मुख्यतः यह व्याधि हमारी आँतों पर असर करती है, विशेष रूप से बड़ी आँत पर। इससे पीड़ित व्यक्ति की आँतों में मरोड़ और अफारा उठना जैसे लक्षण देखे जाते हैं। कभी-कभी मलबद्धता यानी पेट ठीक से साफ न होना, तो कभी द्रवमलप्रवृत्ति के लक्षण भी देखे जा सकते हैं। आमतौर पर यह व्याधि 45 वर्ष की आयु तक ज्यादा देखी जाती है। Read More : आईबीएस पर आयुर्वेदिक दृष्टिकोण about आईबीएस पर आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

शशांकासन की योग विधि और लाभ

पाचन तन्त्र काम पे, गाड़ी चले आराम से आओ योग अपनाये जीवन महकायें

जब तक शरीर रुपी गाड़ी का पाचन तंत्र ठीक से काम करता रहेगा, तब तक सभी अंग इस से मिलने वाली ऊर्जा से ठीक काम करते रहेंगे और जीवन हमेशा खुशियों भरा रहेगा।

पाचन प्रणाली को सक्रिय, स्वस्थ व सुचारु रूप से चलाने के लिये ताड़ासन, पादहस्तासन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, सुप्त वज्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, नौलि, उड्डयान बन्ध काफी लाभदायक हैं।

आसनों की श्रृंखला में आज प्रस्तुत है- शशांकासन Read More : शशांकासन की योग विधि और लाभ about शशांकासन की योग विधि और लाभ

समय पूर्व रजोनिवृत्ति: कारण, लक्षण और उपचार

रजोनिवृत्ति उम्र के साथ जुड़ी हुई एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन कभी-कभी औरतें रजोनिवृत्ति के लक्षण काफी कम उम्र में महसूस करती हैं, जिससे कई उलझने पैदा होती हैं।

वायु का असंतुलन अंडाशय के कार्य को प्रभावित करके अंडों का निर्माण रोक देता है। जिन औरतों में रजोनिवृत्ति के पूर्वकाल में वात, पित्त का असंतुलन मौजूद रहा हो उनको इस अवस्था में कठिनाइयां भुगतनी पड़ सकती है। Read More : समय पूर्व रजोनिवृत्ति: कारण, लक्षण और उपचार about समय पूर्व रजोनिवृत्ति: कारण, लक्षण और उपचार

सही यौन स्वास्थ्य के लिए सही समय और सही उम्र महत्वपूर्ण है

सही यौन स्वास्थ्य के लिए सही समय और सही उम्र महत्वपूर्ण है

आज हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो भोग पर आधारित है। हमारे युवाओं की जीवनशैली इसका सबसे बड़ा सबूत है। स्वच्छंद यौन संबंध, बढ़ती कामुकता आदि ऐसे ज्वलंत विषय हैं, जिनसे आज की पीढ़ी जूझ रही है। आइए जानें आयुर्वेद उस यौन स्वतंत्रता के बारे में क्या सोचता है, जिसे आज के युवाओं ने अपनाया है?

अत्यधिक यौन संबंध, हस्तमैथुन छोटी उम्र में मैथुन करने के कारण ओज और रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होना, बदन कमजोर होना, बुढ़ापा जल्दी आना जैसे उपद्रव हो सकते हैं। Read More : सही यौन स्वास्थ्य के लिए सही समय और सही उम्र महत्वपूर्ण है about सही यौन स्वास्थ्य के लिए सही समय और सही उम्र महत्वपूर्ण है

Pages

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.