लौकी जूस के बेहतरीन गुण

लौकी जूस के बेहतरीन

लौकी– “Cucurbitaceae Family” से सम्बंधित पौधे का फल होता है। भारत में लौकी को घीया, कद्दू , दूदी,और दुधी भोपळा भी कहते हैं। Read More : लौकी जूस के बेहतरीन गुण about लौकी जूस के बेहतरीन गुण

लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

तुम और वो लड़की रात के तीसरे पहर चैट कर रहे हो। 
बात करते करते तुम्हे कामुकता का अहसास होता है। 
तुम बिना सोचे बिना एक पल गवाए उससे फोटो की मांग कर देते हो। 
वो कहती है की वो नहीं दे सकती। 
तुम अपने जिद्द पर अड़े रहते हो। 
वो तुम्हे समझाने की कोशिश करती है। 
तुम उसे तुमपर यकींन करने को कहते हो। 
वो कहती है शादी के बाद देख लेना वो तुम्हारी ही तो है। 
तुम फिर भी नहीं मानते। Read More : लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे about लडकियों के लिये पोस्ट है सभी पढे

संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल

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संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल। थाट, यह रागों के वर्गीकरण हेतु तैयार की हुई पद्धति है। पंडित विष्णु नारायण भातखंडे ने १० थाट प्रचिलित किये जिनको कोमल, शुद्ध और तीव्र स्वरों के आधार पर बनाया गया जो निम्न हैं - 
(१) कल्याण 
(२) बिलावल 
(३) खमाज 
(४) भैरव 
(५) पूर्वी 
(६) मारवा 
(७) काफी 
(८) आसावरी 
(९) भैरवी 
(१०) तोड़ी Read More : संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल about संस्कृत में थाट का अर्थ है मेल

एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है।

एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है।

आंवले में सारे रोग दूर करने के गुण व शक्ति होती है। आंवला युवकों को भी यौवन शक्ति प्रदान करता है तथा बूढ़ों को युवा जैसी शक्ति देता है। बशर्ते आंवला किसी न किसी रूप में रोज सेवन करें। आंवले में विटामिन सी भरपूर होता है। हर इंसान को प्रतिदिन 50 मिली ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवले का मुरब्बा ताकत देने वाला होता है।

1. गर्भवती स्त्रियों को आंवला अवश्य लेना चाहिये। किसी भी रूप में लें।

2. आंवला एक अंण्डे से अधिक बल देता है।

3. आंवला ब्लडप्रेशर वालों के लिये लाभप्रद है। Read More : एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। about एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है।

मूंगफली की खेती

मूंगफली की खेती

 मूँगफली खाकर हम अनजाने में ही इतने पोषक तत्व ग्रहण कर लेते हैं जिन का हमारे शरीर को बहुत फायदा होता है , आधे मुट्ठी मूगफली में 426 कैलोरीज़ होती हैं, 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, 17 ग्राम प्रोटीन होता है और 35 ग्राम वसा होती है। इसमें विटामिन ई, के और बी6 भी प्रचूर मात्रा में होती है। यह आयरन, नियासिन, फोलेट, कैल्शियम और जि़ंक का अच्छा स्रोत हैं।मूँगफली वानस्पतिक प्रोटीन का एक सस्ता स्रोत हैं। इसमें प्रोटीन की मात्रा मांस की तुलना में १.३ गुना, अण्डों से २.५ गुना एवं फलों से ८ गुना अधिक होती है। मूँगफली वस्तुतः पोषक तत्त्वों की अप्रतिम खान है।  Read More : मूंगफली की खेती about मूंगफली की खेती

टमाटर की पौध तैयार करना

पौध की रोपाई

जब पौध पांच से छः पत्ती की हो जाए तो इसे 60 सेन्टी मीटर चाौडी तथा जमीन की सतह से 20 सेन्टी मीटर ऊंची उठी हुई क्यारिया बनाकर इन पर रोपाई करते है। क्यारियो के दोनो तरफ 20 सेन्टी मीटर चैडी नालिया बनाते है। क्यारियो पर पौध की रोपाई करते समय पौधे से पौधे की दूरी 30 सेन्टी मीटर रखते है।

खेत की सिचांई

किसान भाईयो टमाटर की फसल के लिये पहली सिचांई पौध रोपई के बाद की जाती है। इसके बाद फसल की आवश्यकता अनुसार समय-समय पर सिचांई करते रहना चाहिये।

खर पतवार नियन्त्रण तथा निराई-गुडाई Read More : टमाटर की पौध तैयार करना about टमाटर की पौध तैयार करना

पढ़ाई को रोचक व मनोरंजक बनाईये

पढ़ाई को रोचक व मनोरंजक बनाईये

मनोरंजन किसे पसंद नहीं होता तथा मनोरंजक चीजें किसे याद नहीं होते जाहिर है सभी को याद हो जाती है चलिए जानें कैसी चीजें हमें याद रहती है (a) जिनसे भावत्मक जुडाव हो (b) जिन पर हमें हँसी आती हो (c) वो चीजें जो संसार में इकलौती हो यानि Unique (d) वो जो अजीब है (e) वो चीजें जिनमें कुछ भिन्नता है आप जिन चीजों में भावात्मक जुडाव महसूस करते है वे आप को सदैव याद रहती है जिन पर हम को हँसी आ जाये वह भी जैसे किसी वैज्ञानिक का नाम उदाहरण के तौर पर एक वैज्ञानिक का नाम लेते है मारकोनी बचपन में मैंनें इसे पढा तो मुझे मार कोहनी लगा तथा सभी बच्चे भी क्लास में इसे मार कोहनी कहके एक दूसरे को कोहनी मारते मुझे यह Read More : पढ़ाई को रोचक व मनोरंजक बनाईये about पढ़ाई को रोचक व मनोरंजक बनाईये

ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं

ध्वनि विशेष को नाद

ध्वनि, झरनों की झरझर, पक्षियों का कूजन किसने नहीं सुना है। प्रकृति प्रदत्त जो नाद लहरी उत्पन्न होती है, वह अनहद नाद का स्वरूप है जो कि प्रकृति की स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन जो नाद स्वर लहरी, दो वस्तुओं के परस्पर घर्षण से अथवा टकराने से पैदा होती है उसे लौकिक नाद कहते हैं।
वातावरण पर अपने नाद को बिखेरने के लिये, बाह्य हवा पर कंठ के अँदर से उत्पन्न होने वाली वजनदार हवा जब परस्पर टकराती है, उसी समय कंठ स्थित 'स्वर तंतु' (Vocal Cords) नाद पैदा करते हैं। अत: मानव प्राणी द्वारा निर्मित आवाज लौकिक है।

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Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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