किंडर गार्डन स्कूल के लिए एक वेबसाइट का महत्व

किंडर गार्डन स्कूल के लिए एक वेबसाइट का महत्व अगर आप छोटे बच्चों के लिए छोटे बच्चों के लिए किंडर गार्डन स्कूल चलाते हैं|

तो आपके लिए वेबसाइट क्योंकि अब पोस्टर बैनर का समय नहीं रहा है पोस्टर बैनर की जहां पर एक समय और स्थान की सीमा होती है वहीं पर वेबसाइट आपको एक बड़ा मार्केट प्रदान करता है और स्थान की सीमा भी नहीं होती है अगर आप फ्रेंड जाइए डेवलपर हैं या आप किसी फ्रेंड की फ्रेंचाइजी लेते हैं तो एक वेबसाइट अनिवार्य है वेबसाइट किसी भी संस्था के लिए ब्रांडिंग के लिए जरूरी अंग माना जाता है किसी भी संस्था को स्थायित्व प्रदान करने के लिए उसका लोगों उसका वेबसाइट बिजनेस पेज तथा Android ऐप वर्तमान समय में बहुत ही जरूरी माने जाते हैं अगर कोई स्कूल कॉलेज इन सुविधाओं को मेंटेन नहीं कर पा रहा है तो वह बच्चों को क्या शिक्षा दे पाएगा इस बारे में गार्जियंस को डाउट होता है उन सभी की जिम्मेदारी है जो कोई भी छोटा स्कूल चला रहे हैं कि अपना एक अच्छा वेबसाइट जरूर बनवाएं वेबसाइट ऐसी होनी चाहिए जो कि रिस्पॉन्सिबल यानी मोबाइल टैबलेट और कंप्यूटर लैपटॉप TV सभी स्क्रीन पर अच्छे से दिखाई दे और अपनी वेबसाइट पर अपने आप पढ़ाई जाने वाले टीचर्स की प्रोफाइल भी लगाएं जिससे लोगों को यह पता चले कि जिन बच्चों को वह भेज रहे हैं उन्हें पढ़ाने वाले टीचर कौन हैं आप वेबसाइट पर उन सारी सुविधाओं का जिक्र कर सकते हैं जो आप बच्चों को देने वाले हैं|

अलग-अलग यूजर नेम और पासवर्ड

हमारे द्वारा स्कूल के लिए जो वेबसाइट बनाई जाती है| उस की खास बात यह होती है कि उसमें सभी टीचर्स के अलग-अलग यूजर नेम और पासवर्ड होते हैं| जिनकी सहायता से हर टीचर अपने विषय से संबंधित बातें वेबसाइट पर पब्लिश कर सकता है | वह स्टडी मटेरियल उसी के नाम से वेबसाइट पर दिखाई देगा और उस स्टडी मटेरियल के लिए व्यक्तिगत रूप से वह टीचर ही जिम्मेदार होगा|

बच्चों के लिए नोटिस

 हमारी वेबसाइट पर प्रिंसिपल और एडमिनिस्ट्रेटर के लिए अलग से यूजर नेम और पासवर्ड होते हैं जिनकी सहायता से वह किसी भी स्टडी मटेरियल को चेंज कर सकता है बदल सकता है और समय-समय पर वह स्कूल कॉलेज के बच्चों के लिए नोटिस भी निकाल सकता है इन सारी बातों के लिए उन्हें अलग से पासवर्ड और यूजर नेम दिया जाता है और जिसका उपयोग वह किसी भी समय कर सकते हैं|

 

 पुराने समय में जो लोग व्यवसाय बनाते थे उस में क्या प्रॉब्लम हुआ करती थी कि कोई भी अपडेट करने के लिए वह हमेशा वेबसाइट डेवलपर पर ही आश्रित रहते थे | लेकिन हमारे द्वारा बनाई गई वेबसाइट में यह खास बात होती है कि वेबसाइट बन जाने के बाद नए अपडेट करने के लिए आपको हम पर आश्रित रहने की जरूरत नहीं होती है बल्कि आप खुद जो है वेबसाइट पर लगा सकते हैं और पुराने लगे हुए किसी भी कंटेंट को किसी भी समय परिवर्तित कर सकते हैं|

प्रोस्पेक्टस vs वेबसाइट

हर स्कूल कॉलेज हर एक स्कूल और कॉलेज अपनी बात को व्यवस्थित ढंग से कहने के लिए प्रोस्पेक्टस छपवा आता है| और प्रोस्पेक्टस के क्वालिटी से ही पता चलता है, कि वह स्कूल कॉलेज की गुणवत्ता कैसी है, क्योंकि  प्रोस्पेक्टस का साइज अनलिमिटेड नहीं हो सकता है, और उसके पेपर की क्वालिटी भी बजट के अनुसार ही रखी जाती है| लेकिन अगर स्कूल के पास अपनी एक वेबसाइट है, तो वह वेबसाइट प्रोस्पेक्टस का स्थान ले सकती है| जिस तरीके से प्रोस्पेक्टस पर लिमिटेशन होती है, स्थान की वेबसाइट में कोई लिमिट नहीं होती है, हर स्कूल कॉलेज की इच्छा होती है, कि प्रोस्पेक्टस पर वह अपने होने वाले कार्यक्रमों के फोटो छापे जिससे नए एडमिशन पर अच्छा असर पड़ेगा ,लेकिन स्थान सीमित होने के कारण और पेपर की क्वालिटी बहुत ज्यादा महंगी ,होने के कारण वह अपने आप को असहाय अनुभव करते हैं, लेकिन अगर आपके पास एक वेबसाइट है, तो वेबसाइट पर गैलरी का ऑप्शन होता है, जिस पर आप जितना चाहे उतने फोटो लोड कर सकते हैं, अलग-अलग कार्यक्रमों के फोटो लोड कर सकते हैं |                                                                                                    

प्रत्येक कार्यक्रम के एक से ज्यादा फोटो लोड भी कर सकते हैं जिसे हम गैलरी कहते हैं और खास बात यह है की वेबसाइट पर लोड किए गए फोटो की चमक समय बीतने के साथ कभी नहीं पड़ती है हम वेबसाइट पर वीडियो भी लोड कर सकते हैं जो हमारे यहां कार्यक्रम हुए होते हैं कभी और यह चीज प्रॉस्पेक्टस पर संभव ही नहीं है प्रोस्पेक्टस एक हार्ड कॉपी होती है जिस को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना इतना आसान नहीं होता है और कोई भी गाड़ी अन्य स्टूडेंट हमेशा प्रोस्पेक्टस अपने पास नहीं रख सकता है और ना ही स्कूल का मालिक प्रोस्पेक्टस को हमेशा अपने साथ लेकर घूम सकता है लेकिन अगर आपके पास एक वेबसाइट है तो उस वेबसाइट पर वह सारी बातें आप लिख सकती हैं जो उसे एक पुस्तक लिखी जाती है लिख सकते हैं और वेबसाइट का एड्रेस एक छोटे से वेटिंग पर छापा जा सकता है और अगर आप एक Android ऐप लेते हैं तो उस ऐप को कोई भी अपने मोबाइल पर लोड कर सकता है और आपका प्रॉस्पेक्टस आपके स्कूल कॉलेज की जानकारी उसको हमेशा उसके मोबाइल पर उपलब्ध रहेगी अगर बनवाने का बजट नहीं है तो कम से कम वेबसाइट तो जरूर ही बनवा लेना चाहिए और कुछ सरकारी योजनाओं में तो वेबसाइट की उपस्थिति और उसमें कंटेंट का सही प्रकार से प्रकाशित होना अनिवार्य कर दिया गया है|

NGO और सोसाइटी को से संबद्धता

स्कूल कॉलेज की वेबसाइट पर एबाउट अस  सभी कॉलम होता है जिसमें आप अपने स्कूल कॉलेज के बारे में विस्तारपूर्वक लिख सकते हैं और यह भी बता सकते हैं कि वह स्कूल कॉलेज कहां कहां से मान्यता प्राप्त है और यह स्कूल कॉलेज किस NGO या सोसाइटी के द्वारा चलाया जा रहा है हम लोग हर स्कूल की वेबसाइट पर एक एडमिशन का फॉर्म भी रखते हैं जिस पर पूरे साल लोग फॉर्म भरते रहते हैं और समय आने पर स्कूल प्रशासन लोगों को फोन करके अपने एडमिशन को क्लियर कर सकता है एडमिशन के समय यह बहुत आसान होता है कि छात्रों का विवरण हम वेबसाइट पर रिसीव कर लें एक तो इससे कागज की बचत होती है और दूसरे की वेबसाइट की उपलब्धता आज के समय में स्थान पर निर्भर नहीं होती है अर्थात दूरदराज के लोग भी हमारी वेबसाइट पर एडमिशन का फॉर्म भर सकते हैं और इस प्रकार से हम किसी भी एडमिशन को खोने से बच सकते हैं|

नए स्टाफ को रखना बहुत ही आसान है

हम लोग स्कूल की वेबसाइट पर जॉब का कॉलम भी रखते हैं | हर स्कूल कॉलेज की यह समस्या होती , है कि समय पड़ने पर उन्हें स्टॉप ढूंढने में बहुत ही दिक्कत आती है और किसी भी विषय के जानकार टीचर ढूंढना उनके लिए आसान नहीं होता है | अतः वेबसाइट पर एक ऐसा फॉर्म हम लोग बनाते हैं जिसमें जो भी व्यक्ति हमारे स्कूल कॉलेज में पढ़ना चाहता है वह उस फॉर्म को भर सकता है और जैसे ही कोई टीचर हमारे स्कूल कॉल को छोड़कर चला जाता है तो उस टीचर के स्थान पर नया टीचर रखने के लिए हमारे पास वेबसाइट पर आए हुए फीडबैक फॉर्म का एक बड़ा रिकॉर्ड होता है जिससे हम उपयुक्त टीचर चुन सकते हैं|

पढ़ाने की नई तकनीक का प्रदर्शन

हम अपने स्कूल की वेबसाइट पर हमारे यहां बच्चों को कैसे पढ़ाया जाता है | उनकी कैसे देखभाल करी जाती है उसके फोटोग्राफ्स वीडियो इत्यादि वेबसाइट पर लोड करके उनके गार्जियन को यह बता सकती हैं | कि हमारा स्कूल कितना अच्छा है बात समझने की यह है की अच्छा होना ही पर्याप्त नहीं होता है | बल्कि हम अच्छे हैं इस बात को अगर हम दूसरों को समझा पाते हैं तभी हम बड़ा बिजनेस कर पाते हैं अगर आपके पास एक वेबसाइट है तो आप अपनी बात को बहुत अच्छे तरीके से व्यक्त कर सकते हैं यह संभव है कि कोई दूसरा स्कूल-कॉलेज हमसे अच्छी सुविधाएं देता हो लेकिन उसके पास अगर वेबसाइट नहीं है, तो उसके एडमिशन भी हमारे स्कूल को मिल सकते हैं|

सरकारी नौकरी करने वाले लोगों के बच्चों का एडमिशन कैसे लें

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि सरकारी नौकरी करने वाले लोग जब ट्रांसफर होकर हमारे शहर में आते हैं तो हमारे शहर में कौन कौन से स्कूल कॉलेज हैं इस बात की खोजबीन करने के लिए वह Google का सहारा लेते हैं और अगर हमारी वेबसाइट उन्हें Google पर दिखाई दे जाती है तो हमारे एडमिशन होने की संभावनाएं बहुत हद तक बढ़ जाती हैं अगर हमारे पास वेबसाइट नहीं है तो ऐसे एडमिशन तो हमें कभी मिल ही नहीं सकते हैं|

नए लोगों के बीच में बिजनेस

हम चाहते हैं कि हमारा बिज़नेस नए लोगों के बीच में फैले और बहुत विस्तार पाए तो एक ऐसी वेबसाइट की हमें जरूरत है जो ना केवल बात को सही से अभिव्यक्त भी करें बल्कि वह Google के पहले पेज पर आए हैं माइंड की सबसे खास बात है कि हमारे द्वारा बनाई गई सारी वेबसाइट Google के पहले पेज पर स्थान रखती हैं इसकी सबसे खास बात यह है कि हम वेबसाइट को बनाने में जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग करती हैं वह Google के हिसाब से सबसे एडवांस और स्मार्ट टेक्नोलॉजी है अब पुराने तरह की HTML की वेबसाइट का जमाना नहीं रहा है वर्तमान में सारी अच्छी वेबसाइट php लैंग्वेज में बनाई जाती हैं और हमारी यह खास बात है कि हमारी सारी वेबसाइट है php लैंग्वेज का तो उपयोग करती हैं साथ में जावा स्क्रिप्ट जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी कभी हम उपयोग करते हैं|

 

जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

  • सेक्स कैसे करें
  • सेक्स टाइम कैसे बढ़ाएं
  • लिंग का साइज कैसे बढ़ाएं
  • लिंग को बड़ा लम्बा और मोटा करने के घरेलू उपाय
  • सेक्स की फीलिंग को कैसे बढ़ाए
  • ओरल सेक्स कैसे करें

इस प्रकार सवालों का जवाब विशेषज्ञ से लें

सलाह शुल्क ₹500 है जिसमें आप हर सप्ताह व्हाट्सएप पर बात करके अपनी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल कर सकते हैं

A/c Name: Pradeep Kumar
A/c No: 5547297104
IFSC : kkbk0005321
Bank: Kotak Mahindra Bank

 
1 Start 2 Complete
Files must be less than 2 MB.
Allowed file types: gif jpg jpeg png bmp tif pict txt rtf pdf doc docx.