संगीत और हमारा जीवन

गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

गायन हर किसी में यह विशेषता नहीं होती हैं। संगीत को भगवान की दें मानी जाती है और ऐसा सोंचा जाता है की जिसपे भगवान की कृपा होती है वही गा सकता है. परन्तु ईश्वर ने सबको अपनी कर्मठता से अपने सपने साकार करने की शक्ति दी है. अगर आपका गला और आवाज़ साधारण भी है, तो भी जबरदस्त रियाज़ करके आप अपनी आवाज़ में न सिर्फ नयी जान ला सकते है बल्कि संगीत की बुलंदियों को छू सकते हैं. गायन में बेहतर बनने के लिए दैनिक अभ्यास की जरूरत होती है। संगीत सीखने के लिए पहले संगीत का ज्ञान जरूरी है, बेहतर गायक बनने के समय लगेगा, लेकिन आप जल्दी परिणाम देखने के लिए निम्न टिप्स शुरू करना चाहिए। Read More : गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़ about गायक बनने के उपाय और कैसे करें रियाज़

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

कई माता पिता को संगीत के लाभों के बारे में सुना है नवजात शिशुओं पर संगीत की

प्रभाव।विभिन्न धुनों, यहां तक कि आज के आधार पर, टुकड़ों नवजात शिशुओं पर एक लाभदायक प्रभाव हो सकता है जो चिकित्सा के विशेष पाठ्यक्रम, देखते हैं।अलग अलग धुन की रिकॉर्डिंग के साथ एक एमपी 3 प्लेयर के रूप में भी इस तरह के एक सरल उपकरण का उपयोग कर
बच्चे के भावनात्मक विकास और उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।लेकिन हर धुन एक सकारात्मक प्रभाव का उत्पादन करने में सक्षम है, तो यह इसे सही ढंग से चयन करने के लिए महत्वपूर्ण है।टुकड़ों का चयन करने के लिए संगीत का Read More : नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव about नवजात शिशुओं पर संगीत का प्रभाव

संगीत सुनना सेहत के लिए भी होता है लाभदायक, जानिए कैसे

संगीत सुनना सेहत

आमतौर पर, जब भी व्यक्ति बोर होता है तो मन बहलाने के लिए म्यूजिक सुनना काफी पसंद करता है। गाने सुनने से न सिर्फ मन शांत होता है, बल्कि इसके कारण काफी रिलैक्स भी महसूस होता है। लेकिन अगर आप सोचते हैं कि संगीत सुनने से सिर्फ आपका चित्त शांत होता है, तो आप गलत हैं। आपको शायद मालूम न हो लेकिन संगीत सुनने से आपका स्वास्थ्य भी काफी अच्छा होता है। जी हां, म्यूजिक सुनने से आप खुद को तंदरूस्त बनाए रख सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको म्यूजिक सुनने के कुछ बेहतरीन स्वास्थ्य लाभों के बारे में बता रहे हैं− Read More : संगीत सुनना सेहत के लिए भी होता है लाभदायक, जानिए कैसे about संगीत सुनना सेहत के लिए भी होता है लाभदायक, जानिए कैसे

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

संगीत के मोहन-सुर संगीत की मादकता जीव जगत पर जो प्रभाव पड़ता है, वह किसी से छिपा नहीं है। संगीत की स्वरलहरी पर मुग्ध होकर हिरन का व्याध के बाण से विद्ध होना, महाविषधर भुजंग का सपेरे के वशवर्ती होना हम बहुत दिनों से सुनते आ रहे हैं। किन्तु वर्तमान युग में संगीत के प्रभाव से मनुष्य की व्याधियों का उपचार करने का प्रयोग भी होने लगा है। एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जबकि विज्ञान चिकित्सा अपने रोगियों के लिए मिक्सचर, पिल या पाउडर की व्यवस्था न करके दिन-रात में उसके लिए दो-तीन बार संगीत श्रवण का व्यवस्था पत्र देंगे। Read More : संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा about संगीत द्वारा रोग-चिकित्सा

भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज

भारतीय संगीत

भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज

भारत में संगीत, मधुर ध्वनि के माध्यम से एक योग प्रणाली की तरह है, जो मानव जीव पर कार्य करती है तथा आत्मज्ञान की हद के लिए उनके उचित कार्यों को जागृत तथा विकसित करती हैं, जोकि हिंदू दर्शन और धर्म का अंतिम लक्ष्य है। मधुर लय भारतीय संगीत का प्रधान तत्व है। 'राग' का आधार मधुर लय है। विभिन्न 'राग' केन्द्रीय तंत्रिका प्रणाली से संबंधित अनेक रोगों के इलाज में प्रभावी पाए गए हैं। Read More : भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज about भारतीय संगीत के सुरों द्वारा बीमारियो का इलाज

क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर

मंच संचालन का तरीका, एंकरिंग टिप्स, एंकरिंग कैसे करे, पत्रकार बनने के लिए योग्यता

जब भी हम टीवी एंकर्स के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में जो नाम सबसे पहले आते हैं, उनमें शामिल हैं अमिताभ बच्चन, अर्चना पूरन सिंह, रक्षंदा खान, मंदिरा बेदी, शेखर सुमन, जावेद जाफरी, साजिद खान, सिमी ग्रेवाल, अमन वर्मा, मिनी माथुर, रागेश्वरी, रुबी भाटिया, तबस्सुम और इला अरुण. टीवी के इन तमाम एंकर्स की फेहरिस्त को गौर से देखें, तो एक बात सामने आती हैं कि टीवी एंकरिंग भी एक करियर के लिए एक अच्छा विकल्प है. मनोरंजन से भरपूर वर्तमान दौर में टेलीविजन रोजगार का बेहतर माध्यम बन गया है. Read More : क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर about क्या आप भी बनना चाहेंगे टीवी एंकर

कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार

कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार

आपका व्‍यक्तित्‍व कई चीजों से मिलकर बनता है. और इस सबमें अहम किरदार निभाती है आवाज. मधुर आवाज खुद-ब-खुद आपको खींच लेती है अपनी ओर. आप चाहकर भी उससे अपना ध्यान नहीं हटा पाते. आपकी नजरें उस आवाज के मालिक को तलाशने लगती हैं. चाह होती है, तो बस उसके दीदार की, जिसने आपके कदमों को बांध लिया है किसी मीठी जंजीर की तरह.
कई बार हमें ऐसे लोग मिल जाते हैं, जिनकी वाणी हमें किसी मोहपाश की तरह जकड़ लेती है. और शायद यही वजह है कि हम उनकी बातों ज्‍यादा तवज्जो देते हैं. ये उनकी आवाज का जादू नहीं, तो फिर और क्या है. Read More : कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार about कैसे रखें आवाज के जादू को बरकरार

जानिए कैसे संगीत से दिमाग़ तेज होता है |

संगीत से दिमाग़

कहते हैं कि संगीत में बड़ी ताक़त होती है. संगीत आग पैदा कर सकता है, पत्थर को पिघला सकता है, मुर्दे में जान ला सकता है, पानी बरसा सकता है. ऐसे कितने ही जुमले संगीत के ताने-बाने पर बजते नज़र आते हैं.

पर एक फ़र्क असल ज़िंदगी में और सामने आया है और यकीन मानिए, यह जुमला नहीं, शोध का नतीजा है. शोध कहता है कि संगीत का दिमाग के स्वास्थ्य और विकास से गहरा ताल्लुक है.

नए शोध से यह बात सामने आई है कि संगीत से बच्चों के भाषायी दक्षता को सुधारने में मदद मिलती है. जब आपका बच्चा वाद्ययंत्र बजाता है तो इस प्रक्रिया में आवाज के प्रति उसके दिमाग की संवेदनशीलता में खासा इज़ाफ़ा होता है. Read More : जानिए कैसे संगीत से दिमाग़ तेज होता है | about जानिए कैसे संगीत से दिमाग़ तेज होता है |

शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

शास्त्रीय संगीतः

एक सभा में कर्नाटक संगीत का कार्यक्रम चल रहा है. काफी सारे बुजुर्ग और संगीत के जानकारों के बीच एक दो विदेशी भी बैठे हैं. जैसे ही एक कार्यक्रम ख़त्म होता है, वे वहां से दूसरी जगह भागते हैं- एक और गायक को सुनने या एक और नृत्य देखने के लिए.

चेन्नई में दिसंबर और जनवरी के महीनों में एक खासियत है- इस समय यहाँ हर जगह शास्त्रीय संगीत की धुन गूंजती रहती है. 'मार्गड़ी' नाम का यह तमिल महीना यहाँ 'म्यूज़िक सीज़न' के नाम से मशहूर है.

इस समय सैकड़ों ऐसे कार्यक्रम होते हैं. यहाँ तक कि कुछ संगीत प्रेमी अपनी साल की छुट्टियां भी शास्त्रीय संगीत के लिए ही लेते हैं. Read More : शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म? about शास्त्रीय संगीतः जातिवाद का दौर हुआ ख़त्म?

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जवाब विशेषज्ञ से लें

Dr. Popat Sonawane - Orthopaedic Surgeon, ghodnadi-shirur

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